जानिये - कैसे करे उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज़ ।


जानिये - कैसे करे उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज़

आज के युग में ग्राहक को बहुत परेशान किया जा रहा है जैसे कि कालाबाजारी, मिलावट, बिना मानक की वस्तुओं की बिक्री, ग्राहक जमाखोरी,
मंहगाईगारंटी की सुविधा का लाभ मिल पाना, कम नाप-तौल आदि धांधलियों से ग्राहक घिरा हुआ है। इन सभी परेशानियों को देखते हुए ग्राहक संरक्षण के लिए कुछ कानून बनाए गए हैं, जिससे कोई भी दुकानदार ग्राहक के अधिकारों का हनन कर सकें | उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अनुसार कोई व्यक्ति जो वस्तु या सेवा स्वंय  के उपभोग के लिये खरीदता है, उसे उपभोक्ता कहा जाता है। हमें अपने अधिकारों की जानकारी हो पाने के कारण हम दुकानदार द्वारा लूट लिए जाने पर कुछ नहीं कर पाते है और ही उसके खिलाफ शिकायत करते है |

Consumer Forum

दोस्तो, अगर आपके साथ कोई बेईमानी होने पर जानकारी के अभाव में उपभोक्ता फोरम में कम्प्लेन नहीं करते हैं , इसीलिए आज हम आपको इस वेब पेज के माध्यम से समझाने जा रहें है किस  तरह आप दुकानदार के खिलाफ कम्प्लेन दर्ज कर सकते हैं और इंशाप की लड़ाई आसानी से लड़ने में कामयाब हो सकेंगे।

उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज़ करने हेतु मुख्य बातें

कौन कर सकता है शिकायत: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ता फोरम में स्वयं ग्राहक द्वारा शिकायत दर्ज की जा सकती है।
  • पीड़ित उपभोक्ता
  • कोई फर्म, भले ही यह रजिस्टर्ड हो
  • कोई भी व्यक्ति, भले ही वह खुद पीड़ित हुआ हो
  • संयुक्त हिंदू परिवार
  • को-ऑपरेटिव सोसाइटी या लोगों को कोई भी समूह
  • राज्य या केंद्र सरकारें
  • कंस्यूमर की मौत हो जाने की स्थिति में उसके कानूनी वारिस


कहां करें शिकायत: शिकायत करने का स्थान क्षतिपूर्ति के आधार पर तय किया जाता है। अगर यह रकम 2000000 रूपये से कम है तो डिस्ट्रिक्ट फोरम में शिकायत दर्ज कराई जाती है। यदि यह रकम 2000000 लाख रूपये से अधिक परन्तु 10000000 रूपये से कम है तो स्टेट कमीशन के समक्ष और यदि यह रकम 10000000 रूपये अधिक है तो नेशनल कमीशन के समक्ष कम्प्लेन दर्ज कराने का प्रावधान बनाया गया है।


कैसे करें शिकायत: शिकायत के साथ आपको ऐसे दस्तावेज की कॉपी देनी होगी, जो आपकी शिकायत का समर्थन करें। इनमें कैश मेमो, रसीद, अग्रीमेंट्स वैगरह हो सकते हैं। शिकायत की तीन कॉपी जमा करानी होती हैं। इनमें एक कॉपी ऑफिस के लिए और एक विरोधी पार्टी के लिए होती है। शिकायत व्यक्ति अपने वकील के जरिए भी करवा सकता है और खुद भी दायर कर सकता है। शिकायत के साथ पोस्टल ऑर्डर या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए फीस जमा करानी होगी। डिमांड ड्राफ्ट या पोस्टल ऑर्डर प्रेजिडंट, डिस्ट्रिक्ट फोरम या स्टेट फोरम के पक्ष में बनेगा। हर मामले के लिए फीस अलग-अलग होती है।

फीस:
  • एक लाख रुपये तक के मामले के लिए – 100 रुपये
  • एक लाख से 5 लाख रुपये तक के मामले के लिए – 200 रुपये
  • 10 लाख रुपये तक के मामले के लिए – 400 रुपये
  • 20 लाख रुपये तक के मामले के लिए – 500 रुपये
  • 50 लाख रुपये तक के मामले के लिए – 2000 रुपये
  • एक करोड़ रुपये तक के मामले के लिए – 4000 रुपये

अन्य जरूरी बातें: ग्राहकों की सहायता हेतु नेशनल उपभोक्ता हेल्पलाइन की ओर से एक नेशनल टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800114000 (बीएसएनएल एमटीएनएल उपभोक्ताओं के लिए) चलाया जा रहा है। जिसकी सहायता से आप भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। कम्प्लेन दर्ज करवाते टाइम आवेदन के पृष्ठ के बारे में भी लिखें। इसके साथ ही अगर आप कम्प्लेन करने में विलम्ब हो जाते हैं तो उसके लिए आपको एक एफिडेफिट देना होगा। तथा ध्यान रखें कम्प्लेन में अपने हस्ताक्षर करना ना भूलें।

उपभोक्ता फोरम के सभी नियम एवं शर्तों को स्वीकार करना: सारी सुचना और सबूत ड्राफ्ट हो जाने के बाद जमा करने पर ग्राहक को यह कबूलना होता है कि उसकी दर्ज की जाने वाली कम्प्लेन शतप्रतिशत सच्ची सच्ची है। साथ मे जमा किये गए सारे सबूत भी सच्चे है।

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