जानिए कैसे बनाये 12th के बाद आईटी सेक्टर मैं करियर - आसान रास्ते


जानिए कैसे बनाये 12th के बाद आईटी सेक्टर मैं करियर

दोस्तों 12th के बाद हमारे करियर के लिए बहुत से रास्ते खुलते है।  इन रास्तो के अंतर्गत नौकरी दिलाने वाले प्रोफेशनल कोर्स और उच्च लेवल के कोर्स
भी आते है।  दोस्तों 12th के बाद यह बात हमारे खुद के ऊपर निर्भर करती है कि हमे चुनना क्या है। आज के युग में  ज्यादातर छात्र ऐसे कोर्स चुंनते है जिन्हे पूरा करने के बाद वे आसानी से नौकरी हासिल कर सके। ऐसे ही कोर्स में एक आईटी भी है जो ववर्तमान में बहुत ही लोकप्रिय है। दोस्तों नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ सॉफ्टवेयर एन्ड सर्विसेज़ कम्पनीज़ यानी मेस्कॉम और मैकिंजे के अनुसार भारतीय सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री लगभग पच्चीस परसेंट की दर से प्रतिवर्ष इम्प्रूव कर रही है। इसलिए यह अनुमान लगया जा रहा है कि आईटी सेक्टर के विकास की यह रफ्तार आने वाले पांच वर्षो तक इसी तरह बनी रहेगी। आने वाले पांच वर्षो में आईटी सेक्टर के द्वारा देश लगभग साठ करोड़ डॉलर की आमदनी कर सकता है।
जानिए कैसे बनाये 12th के बाद आईटी सेक्टर मैं करियर
दोस्तों आज के युग में आईटी सेक्टर के द्वारा पढ़े - लिखे और योग्य छत्रो की मांग बड़ी दर पर की जा रही है बल्कि डीमांड के अनुसार इसकी सप्लाई की दर बहुत ही कम है। हमारे देश में चप्पेचप्पे पर सॉफ्टवेयर - हार्डवेयर सेंटर तथा बड़े - बड़े कॉलेज है लेकिन फिर भी आईटी सेक्टर में मांग पूरी नहीं हो रही है। आईटी सेक्टर में आज के हिसाब को देखकर देश को लगभग तेईस लाख आईटी और बी पी एक्सपर्ट की जरूरत पड़ेगी। दोस्तों वर्तमान के हिसाब से बनाने वाले आईटी और बी पी एक्सपर्ट को ध्यान में रखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि फिर भी पांच लाख एक्सपर्टो की कमी हो सकती है।  दोस्तों इन बातो को ध्यान में रखते हुए हम आपको सलाह दे रहे है की अगर आप कंप्यूटर सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर नेटवर्किंग के रिलेटिड कोई भी कोर्स कर ले तो आने वाले समय में आपके लिए नौकरी हासिल करने का सुनहरा मौका होगा।


अगर तुम सच में ही आईटी सेक्टर मैं करियर बनाना चाहते है तो आपको 12th के बाद डेढ़ से दो वर्ष का जॉब ओरिएंटेड कोर्स (मुख्यतः हार्डवेयर नेटवर्किंग से रिलेटिड कोर्स) करना होगा। जॉब ओरिएंटेड कोर्स पूरा करना के बाद आप आसानी से आईटी सेक्टर में नौकरी कर सकते हो। 


अवसर - दोस्तों इस सेक्टर में लगभग सभी तरह के काम है।  एक कंप्यूटर विभिन्न तरह के सॉफ्टवेयर के द्वारा चलता है। यहाँ पर सॉफ्टवेयर बनाने और डवलप करने के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर और प्रोग्रामर्स रखे गए है।  दोस्तों हम आपको बता रहे है की सॉफ्टवेयर दो प्रकार के होते है। पहला है एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर और दूसरा है सिस्टिम सॉफ्टवेयर। इनके द्वारा कई प्रकार की प्रोग्रामिक लेंग्वेज को बनाया जाता है और इन प्रोग्रामिक लेंग्वेजो का प्रयोग वर्ल्ड की बड़ी बड़ी कम्पनिया करती है।  दोस्तों सॉफ्टवेयर डवलपमेंट के द्वारा नॉलेज को हर समय अपडेट करना अनिवार्य होता है। इसके अतिरिक्त मैन प्रोग्रामिक लेंग्वेजो जैसे - सी, सी ++, जावा, विजुअल बेसिक आदि का बड़ा ज्ञानी होना जरूरी है। कंप्यूटर और आईटी कोर्स पूरा करने के पश्चात कुछ अवसर इस प्रकार है

सिस्टम एनालिस्ट - इनका काम होता है कंप्यूटर डवलप करने के लिए योजना या प्रणाली बनाना।  अगर तुम एक सिस्टम एनालिस्ट बनना चाहते है तो आपको  हर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की पूरी जानकारी होना जरूरी है और समय - समय पर इन्हे अपडेट करना जरूरी है।  सिस्टम एनालिस्ट ग्रहाको के बिजनेस की जरूरतों के अनुसार सिस्टम बनाने में माहिर होते है। 


सिस्टम एडमिस्ट्रेटर - इनका काम होता है कनेक्टिविटी और इंटरनेट की सुविधा को प्रदान करना। दोस्तों आईटी सेक्टर में नेटवर्किंग की काफी मांग है और यह ज्यादा महत्वपूर्ण भी है।  नेटवर्किंग के जरिए (लैन, वैन और मैन) से कंप्यूटर को एक दूसरे के साथ जोड़ा जाता है और एक कंप्यूटर का डाटा या फाइल दूसरे कंप्यूटर में आसानी से देखा या फॉरवर्ड  किया जा सकता है। नेटवर्किंग के जरिए ही एटीएम, रेलवे  रिजर्वेशन, न्यूज पेपरइंटरनेट आदि की  सुविधा मिलती है। इसलिए सभी छोटे - बड़े संस्थानों में कंप्यूटर नेटवर्किंग के लिए सिस्टम एडमिस्ट्रेटर की आवश्यकता पड़ती है। दोस्तों सिस्टम एडमिस्ट्रेटर को  सिस्टम सिक्योरिटी के साथ - साथ नेटवर्किंग  सिक्योरिटी  की भी देख - रेख करनी होती है। इन कामो से अलग भी सिस्टम एडमिस्ट्रेटर को कैड स्पेशलिस्ट , सिस्टम आर्किटेट, विजुअल डिजाइनर, अचटीएमअल  प्रोग्रामर, डोमेन  स्पेशलिस्ट, इनफार्मेशन सिक्योरिटी एक्सपर्ट, इंटीग्रेशन  स्पेशलिस्टकम्युनिकेशन इंजीनियर, सेमीकंडक्टर आदि में काम करना होता है। 

डाटा बेस - डाटा बेस वह होता है जिसके अंतर्गत हम लोग डाटा को स्टोर कर आसानी से उसका प्रयोग और उसे अपडेट कर सके। सभी जानते है कि अपना - अपना निजी डाटा कितना अधिक इम्पोर्टेन्ट होता है इसलिए बड़ी - बड़ी कंपनियां अपने डाटा की सुरक्षा के लिए डाटा बेस प्रोफेसनल को रखती है और यही कारण है की डाटा बेस प्रोफेसनल की ज्यादा मांग है।


हार्डवेयर - दोस्तों सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर के लिए बहुत जरूरी होता है और उसी प्रकार हार्डवेयर की भी जरूरत होती है।  कंप्यूटर की सारी मशीनरी को हार्डवेयर कहा जाता है।  हार्डवेयर के अंतर्गत सीपीयू, मदरबोर्ड, हार्डडिस्क आदि सभी चीजे रखी गई है। अगर कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर लोड करना है तो उसमे इन सभी चीजों का होना अनिवार्य है अन्यथा सॉफ्टवेयर लोड नहीं हो पायेगा। हार्डवेयर इंजीनयर का काम होता है कंप्यूटर को असेंबल करना और उसके सभी खराब पुर्जो को सुधारना। लगभग सभी क्षेत्रों में कम्प्यूटर को उपयोग हो रहा है और इसी कारण से हार्डवेयर प्रोफेशनल की मांग अधिक बढ़ रही है। हार्डवेयर की पूरी जानकारी के पश्चात आप कम्प्यूटर मेन्युफेक्चरिंग, रिसर्च एंड डवलपमेंट आदि में भो नौकरी आसानी से कर सकता हो।  

कोर्स - दोस्तों तुम अपनी योग्यता और इच्छानुसार सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में से कुछ भी कोर्स सेलेक्ट कर सकते हो। अगर आप की इच्छा है हार्डवेयर फिल्ड को चुनना तो फिर आपको उसकी पूरी योग्यता प्राप्त करनी पड़ेगी और  हार्डवेयर फिल्ड में डेढ़ - दो वर्ष क्लास और प्रेक्टिकल ट्रेनिंग देकर आप जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हो। सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर कोर्स का विस्तार निम्नलिखित है

ग्रेजुएट लेवल कोर्स - ग्रेजुएट लेवल कोर्स के अंतर्गत चार वर्षीय कोर्स - बीटेक, बी सी , बी एस सी आदि आते है। बीटेक के अंतर्गत आई टी, सी एस आदि रखे गए है।  प्रस्तुत कोर्सो में 12th के बाद (पी सी एम ) आप एडमिशन ले सकते हो लेकिन एडमिशन के लिए आपको एंट्रेंस एग्ज़ाम जैसे - आईआईटी जेईई, एआईईईई आदि में पास होना होगा। इनके अतिरिक्त  जैसे बेचलर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लिकेशन (बीसीए) या बीएएससी (तीन  वर्षीय कोर्स) में एडमिशन ले सकते हो। जो इन कोर्सो में अच्छा होता है बड़ी - बड़ी कम्पनी उन्हें कलिजो में से ही सलेक्ट कर लेती है और उन्हें कम्पनी सिलेक्शन के समय साढ़े तीन लाख का पैकेज हर साल देती है।       

पोस्ट ग्रेजुएट लेवल कोर्स - एमटेक और एमसीए फूलटाइम कोर्स  पोस्ट ग्रेजुएट लेवल कोर्स के अंतर्गत आते है।  इन कोर्सो को इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक्सपर्ट तैयार करते है। एमसीए के अंतर्गत सी, सी++, जावा लेंग्वेज, टेक्निकल टॉपिक, जैसे - कंप्यूटर डिजाइन, थ्योरी कम्पूटरिंग, आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस आदि की शिक्षा दी जाती है।  जो छात्र एमटेक और एमसीए फूलटाइम कोर्स पूरा कर लेते है वे 25  से 30 हजार रूपये प्रतिमाह तक की नौकरी हासिल कर सकते है      

हार्डवेयर नेटवर्किंग कोर्स - अब छोटे - बड़े सभी तरह के ऑफिसों में कम्प्यूटर के द्वारा काम किया जा रहा है इसलिए हार्डवेयर नेटवर्किंग एक्सपर्ट की मांग अधिक हो रही है। हार्डवेयर नेटवर्किंग कोर्स में कंप्यूटर असेंबल करना और  कंप्यूटर के सभी खराब पुर्जो को ठीक करने की शिक्षा प्रदान की जाती है। इसमें सबसे पहले कार्ड लेवल और फिर चिप लेवल की ट्रेनिंग कराई जाती है। कंप्यूटर को तैयार करने वाली कम्पनिया एचसीएल, डेल, एपल आदि हार्डवेयर इंजीनियरों की मुख्य रूप से समय - समय भर्ती करती है।  हार्डवेयर नेटवर्किंग  इंजीनियरों की सेलरी 10 हजार से 40 हजार रूपये प्रतिमाह होती है


संस्थान -
1. - सेट ट्रेनिंग ऐंड रिसर्च इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली    
2. आईएचटी, दिल्ली     
3. एप्टेक एन - पॉवर हार्डवेयर ऐंड नेटवर्किंग
4 अरिहंत ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन , दिल्ली     
5. जीटी कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियरिंग कॉलेज, नई दिल्ली
6. आईआईजेटी, , नई दिल्ली


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